Nirvaan Babbar

Rookie (04/03/1975 / Delhi)

Nirvaan Babbar Poems

1. LIFE IS BEAUTIFUL 1/19/2014
2. तू क्या - क्या नहीं (TO KYA - KYA NAHI) 8/11/2013
3. I BELIEVE IN, WHAT I AM 1/19/2014
4. हम (Hum) 1/23/2014
5. THINK BEYOND HORIZON 1/19/2014
6. भय क्यों है....... मृत्यु का (BHAYE KYON HAI..... MRITYU KA) 8/17/2013
7. तितलियाँ (TITLIYAN) 8/29/2013
8. आखिर प्यार क्या है (Akhir Pyar Kya Hai) 12/5/2013
9. सवयं को अज्ञानी मानिए (Swayam Ko Agyani Maaniye) 8/30/2013
10. ये परबत राज हिमालय है 10/20/2013
11. तू नहीं तो सनम मैं चला, ये चला, 10/20/2013
12. आहात है अब हर मानव 10/20/2013
13. आते जाते राहों मैं (Aate Jaate Raahon Main) 12/2/2013
14. चलते हैं मगर (Chalte Hai Magar) 12/2/2013
15. शायद (Shaayad) 12/2/2013
16. जीवन के पथ पर (Jeewan Ke Path Par) 8/30/2013
17. ऐ मेरी ज़िन्दगी तू हसीं है बड़ी (AE MERI ZINDAGI TU HASIN HAI BADI) 9/4/2013
18. दिल, नाते और पत्थर की दुनिया (DIL, NAATE AUR PATTHAR KI DUNIYA) 9/5/2013
19. तू इंसान ही रह, बस इंसान ही बन (TU INSAAN HI REH, BAS INSAAN HI BAN) 9/5/2013
20. दिल की सरहद (DIL KI SARHAD) 9/5/2013

तितलियाँ (TITLIYAN)

रंग बिरंगी तितलियों से, चलो आज ये पूछे हम,
प्रकृति के सारे रंगों को कहाँ से, संजो कर लाइ हो,

इन्द्रधनुष भी फीका पड़ता, कहो कहाँ से आई हो,
इतनी कोमलता और सुन्दरता, बोलो कहाँ से लाइ हो,

निर्वान बब्बर

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