Nirvaan Babbar

Rookie (04/03/1975 / Delhi)

ऐ मेरी ज़िन्दगी तू हसीं है बड़ी (AE MERI ZINDAGI TU HASIN HAI BADI) - Poem by Nirvaan Babbar

ऐ मेरी ज़िन्दगी तू हसीं है बड़ी,
तुझको जीता हूँ मैं प्यार से हर घडी,

तू मेरे साथ थी, है मेरे साथ ही और रहेगी सदा तू मेरे साथ ही,
मैं जिया जब जिया, बस तेरे साथ ही,

तू ज़मीं है मेरी, तू मेरा आसमां,
तेरे होने से ही हर जज़्बा जवां,

तू यहीं पास हो, यां रहे दूर हो कहीं,
मैं तेरे पास था, हूँ तेरे पास ही और रहूँगा सदा मैं तेरे पास ही,

ये ज़माना रहे चाहे दुश्मन सदा,
इक दूझे मैं जिएंगे हम सदा ज़िन्दगी,

निर्वान बब्बर


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Comments about ऐ मेरी ज़िन्दगी तू हसीं है बड़ी (AE MERI ZINDAGI TU HASIN HAI BADI) by Nirvaan Babbar

  • Rookie - 30 Points Shraddha The Poetess (9/4/2013 2:34:00 AM)

    nice one............ (Report) Reply

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Poem Submitted: Wednesday, September 4, 2013

Poem Edited: Wednesday, September 4, 2013


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