Mahadevi Varma

(26 March 1907 – 11 September 1987 / Farrukhabad, Uttar Pradesh / British India)

जो तुम आ जाते एक बार - Poem by Mahadevi Varma

कितनी करूणा कितने संदेश
पथ में बिछ जाते बन पराग
गाता प्राणों का तार तार
अनुराग भरा उन्माद राग

आँसू लेते वे पथ पखार
जो तुम आ जाते एक बार

हंस उठते पल में आर्द्र नयन
धुल जाता होठों से विषाद
छा जाता जीवन में बसंत
लुट जाता चिर संचित विराग

आँखें देतीं सर्वस्व वार
जो तुम आ जाते एक बार


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Poem Submitted: Thursday, April 5, 2012

Poem Edited: Thursday, April 5, 2012


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