तुम्हें पता है,
नज़रों की शरारत
कोई खेल नहीं होती—
ये तो
...
मेरे दोस्तों,
दुश्मन को मारने के लिए
हथियार नहीं चाहिए—
कभी-कभी
...
🇮🇳
Let India be India again,
Not merely a map of rivers and plains,
...
मेरे दोस्तों,
जब ज़िंदगी
तुम्हारे सामने
दीवार बनकर खड़ी हो जाए—
...
मेरे दोस्तों,
ये बात
लोहे की तरह सच है—
जो मन कहता है
...
आओ…
और इस दुनिया की थकान
अपने कंधों से उतार दो—
जैसे कोई रात
...
प्रिये—
अगर हमारे पास
अनंत समय होता,
तो मैं तुम्हें
...
आज रात
शब्दों ने
अपने कपड़े उतार दिए हैं—
और मैं
...
प्रिय—
तुम मेरी आत्मा की
सबसे कोमल पुकार हो,
जैसे रात के माथे पर
...