milap singh


Pahdo Par Kabja - Poem by milap singh

पहाड़ों पर कब्जा कर रहे है
कर रहे है पूंजीपति
ऐश परस्ती में गिफ्ट कर रही
सरकार देश की सम्पत्ति

हर जगह
निजीकरण दिखाई दे रहा है
विकास के नाम की कोई झूठी
सफाई दे रहा है

सडकों के निर्माण में
ठेकेदारी बढ़ रही है
अब हाइड्रो प्रोजेक्ट भी
प्राइवेट कम्पनिया निर्माण कर रही है
क्यों न हो?
सरकार के मन्दिर में
अच्छी रकम भेंट चढ़ रही है

यह पूंजीपति
जमकर लोगों का शोषण कर रहे है
फेक्ट्री एक्ट, लेवर एक्ट
सबका उलंघन कर रहे है

मजदूरों के बच्चे सडक किनारे
कोलतार के ड्रमों से
कुछ करते हुए मिलते है
बाल मजदूरी अपराध है यहाँ
कुछ पढ़े -लिखे लोग कहते है

स्कुल, शिक्षा, सुपोषण
उनके लिए सरकारी फाइलों में लिखा जाता है
हर कानून हर एक्ट यहाँ पर
पहले पूंजीपतियो के चरणों में रखा जाता है


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Poem Submitted: Thursday, October 10, 2013

Poem Edited: Thursday, October 10, 2013


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