milap singh


Koti Koti Nman Tujhe Hindi - Poem by milap singh

गुजराती विचारकों की कल्पना
बंग सुधारकों की परेरणा
स्वतन्त्रता संग्राम की महा सिपाहिनी
समस्त भारत की सम्पर्क संचारनी
जय जय नमन
नमन तुझे हिंदी
कोटि - कोटि नमन तुझे हिंदी

अंग्रेजी है तेरी अत्याचारनी
सियासत की भी है तू शिकारनी
अफसरशाही भी दुश्मनी में कम नही
हे! नव भारत को जीवनदायनी
जय जय नमन
नमन तुझे हिंदी
कोटि - कोटि नमन तुझे हिंदी

समस्त भारत बोलियों से पौषित
अधूरी सी तू राजभाषा घौषित
स्बतन्त्र भारत में अभी तक शौषित
अंग्रेजी सौतन तुम पर आरोपित
जय जय नमन
नमन तुझे हिंदी
कोटि - कोटि नमन तुझे हिंदी


(हिंदी दिवस की समस्त मित्रों को हार्दिक बधाई)


Comments about Koti Koti Nman Tujhe Hindi by milap singh

  • Rookie - 30 Points Shraddha The Poetess (9/14/2013 3:31:00 AM)

    aapko bhi hindi diwas ki shubhkaamanaa... v badhaaai
    kavita behad umda thi...v mai chahoongi k aap meri kavitaon pr apni tippni avashya de..... (Report) Reply

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Poem Submitted: Saturday, September 14, 2013

Poem Edited: Monday, September 16, 2013


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