Atul Rajput

Rookie - 10 Points (10-09-1990 / Sahanpur)

Hasna Bhuul Baitha Hu - Poem by Atul Rajput

अकेला हो गया हूँ अब गुज़ारा हो नहीं पाता,
दबा लेता हूँ अरमानो को, पर मारा नहीं जाता,
समझ लेती जो मेरे प्यार की इन्तहा को तुम,
यकीं मानो के जाना कुछ भी तुम्हारा नहीं जाता।

किसी की अहमियत को लफ्ज़ो में समझाया नहीं जाता,
खोकर प्यार को एक बार फिर पाया नहीं जाता,
नहीं आया मुझे इश्क करना ये गलती है मेरी,
ये वो हुनर है अतुल जो सिखाया नहीं जाता, , ,

क्यों मेरे पास से ये तन्हाई का साया नहीं जाता,
कोई पूछे जो दर्द-ए-गम तो बताया नहीं जाता,
हुआ करता था कई महफ़िलो की शान जो अतुल,
वो हसना भूल बैठा है, हसाया भी नहीं जाता।।।।।।।।।।।।।


Poet's Notes about The Poem

I cant Forget you tal....... NEVERRRRRRRRRRRRR

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Poem Submitted: Wednesday, September 4, 2013

Poem Edited: Wednesday, September 4, 2013


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