ajay srivastava

Rookie (28/08/1964 / new delhi)

मै लडकी हुँ


भारतीय आकाश मै जैसे ही यह खबर आयी
आग की तरह फेल गयी
बहुमत के चेहरे लटक गये, कुछ थोडा चुप
एव दो चार लोग के चेहरे खिले दिखाई दिए
इन सब लोगे मे अमीर, साघारण एव गरीब वगॅ शमिल है
लेकिन सभी एक लक्षय को लेकर योजना बनानी शुऱ कर दी 11

कुछ बहुत तनाव मे मिलाया बीमा कंपनी के एजेंट
को टेलीफोन मिलाया बीमा पॉलिसी के लिए 11
कुछ लोगों को लगा कि उनका काम कम हो जाएगा 11
कुछ लोगों ने सोचा अपनी आय को कैसे बडाई जाए
ताकि भविषय मे धन की कमी न हो 11

जिनके चेहरे खिले दिखाई दिए उनहोने सोचा
हम किसी तरह का भेद - भाव नही करेगे
और उसे हर तरह से सही दिशा प्रोत्साहित करेगे
अपने आप इतनी सक्षम, योगय एव सबल बनाएगे
ताकि उसको किसी के सामने शरमिनदा न होना पडे
या यह कहना पडे कि मै लडकी हुँ 11

Submitted: Monday, December 24, 2012

Do you like this poem?
0 person liked.
0 person did not like.

Form:


Read this poem in other languages

This poem has not been translated into any other language yet.

I would like to translate this poem »

word flags

What do you think this poem is about?

Comments about this poem (मै लडकी हुँ by ajay srivastava )

There is no comment submitted by members..

Famous Poems

  1. Phenomenal Woman
    Maya Angelou
  2. Still I Rise
    Maya Angelou
  3. The Road Not Taken
    Robert Frost
  4. If You Forget Me
    Pablo Neruda
  5. Dreams
    Langston Hughes
  6. Annabel Lee
    Edgar Allan Poe
  7. Caged Bird
    Maya Angelou
  8. If
    Rudyard Kipling
  9. Stopping by Woods on a Snowy Evening
    Robert Frost
  10. A Dream Within A Dream
    Edgar Allan Poe
Trending Poets
Trending Poems
  1. He Wishes For The Cloths Of Heaven, William Butler Yeats
  2. The Road Not Taken, Robert Frost
  3. If, Rudyard Kipling
  4. Still I Rise, Maya Angelou
  5. If You Forget Me, Pablo Neruda
  6. Dreams, Langston Hughes
  7. Daffodils, William Wordsworth
  8. Do Not Stand At My Grave And Weep, Mary Elizabeth Frye
  9. A Dream Within A Dream, Edgar Allan Poe
  10. Phenomenal Woman, Maya Angelou
[Hata Bildir]