ajay srivastava

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क्विज - Poem by ajay srivastava

उनमुक्त गगन मे उडते पक्षी
धरा पर विचरण करते जीव
तूफान मे हिचकोले लेती नाव
या फिर संघर्ष करता मानव 11

हर पल उसके साथ
न छूटने वाला साथ
उससे हम, हम से वो
वही है जो सम्मान दिलाता है 11

कीमत उसकी अनमोल
वो हो तो सब सुख
सर झुकाए चले आते है
पर जरुरत से अधिकता हो
तो हानि भी पहुँचाता है 11

युग बदलते, फ़ैशन बदलता है
पर यँह कभी नही बदलता
हर एक के पास होता
किसी के पास न के बराबर
किसी के पास जरुरत से अधिक
य़हँ 20 वीं सदी मे भी था
21 वीं सदी है और22 वीं सदी रहेगा 11

बूझो तो जाने
जो शब्द ऊपर से नीचे तक सभी लाइन में इस फिट है 11


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Poem Submitted: Thursday, August 22, 2013

Poem Edited: Friday, August 23, 2013


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