Treasure Island

milap singh

[mialp singh bharmouri]

Poems of milap singh

बादल की िकश्ती

अँबर के दिरया में
बादल की िकश्ती
न जाने िकस ओर जा रही है

कुछ संभलकर
कुछ िबखरकर
नया रूप पा रही है

देखो-

[Hata Bildir]